नवजात के लिए माँ का दूध हीं सबसे बढ़िया होता है : डॉ एस एन सिंहा


-विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत महावीर वात्सल्य अस्पताल में कार्यशाला सह जागरूकता कार्यक्रम

- महावीर वात्सल्य अस्पताल पटना, अलाइव एंड थ्रायीव एवं लायन्स क्लब ऑफ पटना अनंता का आयोजन 

 पटना , 6 अगस्त- 


“माँ का दूध अमृत के समान होता है | जन्म के छह माह तक नवजात को माँ का दूध हीं पिलाना चाहिये| इस दौरान नवजात को बाहर का दूध एकदम नहीं पिलाना चाहिए | नवजात को इस दौरान बाहर का पानी भी नहीं पिलाना चाहिए | नवजात के लिए माँ का दूध हीं सबसे बढ़िया होता है | नवजात का प्रारम्भिक विकास इसपर निर्भर होता है | इस लिये माताओं और उनके परिजनों को जागरूक किया जाना चाहिए”, उक्त बातें शिशु रोग विशेषज्ञ व महावीर वात्सल्य अस्पताल पटना के निदेशक डॉ एस एन सिंहा ने शुक्रवार को विश्व स्तनपान सप्ताह के मौके पर महावीर अस्पताल पटना के सभागार में आयोजित कार्यशाला में कहीं. 

चिकित्सकों ने स्तनपान को लेकर जागरूक और प्रोत्साहित किया-

कार्यशाला का आयोजन महावीर वात्सल्य अस्पताल, लायन्स क्लब ऑफ पटना अनंत की ओर से किया गया| कार्यशाला के मुख्य अतिथि महावीर वात्सल्य अस्पताल पटना के निदेशक डॉ डॉ एस एन सिंहा,अस्पताल के अपर निदेशक डॉ लखीन्द्र  प्रसाद , महावीर वात्सल्य पारा मेडिकल के निदेशक डॉ डी के रमन और लायन्स क्लब पटना अनंत की अध्यक्ष नीता मिश्र थी | इस कार्यशाला सह जागरूकता कार्यक्रम में चिकित्सक,नर्स ,के साथ महावीर वात्सल्य अस्पताल के लेबर रूम और दूसरे वार्ड की महिला मरीजों,उनके परिजन और बच्चों ने भाग लिया | महिलाओं को चिकित्सकों ने स्तनपान को लेकर जागरूक और प्रोत्साहित किया | इस दौरान निदेशक डॉ डॉ एस एन सिंहा ने कहा बहुत सारी माताएं अज्ञानतावश बच्चों को अपना दूध नहीं पिलाना चाहती हैं | उन्हें नहीं पाता होता कि माँ का दूध नवजात के लिए सबसे उत्तम होता है | यह बच्चों को कई बीमारियों से बचाता है | इसलिए ऐसी माताओं को प्रोत्साहित और जागरूक किया जाना चाहिये| 

इंफेन्ट मिल्क सब्स्टिटूट (आईएमएस ) ऐक्ट के बारे में जानना जरुरी:

कार्यशाला को संबोधित करते हुए अलाइव एंड थ्रायीव की वरीय राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अनुपम श्रीवास्तव ने बताया राज्य में निजी चिकित्सा संस्थानों में आईएमएस एक्ट का उल्लंघन देखा जा रहा है. इसके लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों को एकजुट होकर इससे लड़ने की जरुरत है. नवजात के लिए सिर्फ माँ का दूध ही 6 महीने तक पर्याप्त है और 6 महीने के उपरांत स्तनपान के साथ ऊपरी आहार के समावेश से शिशु स्वस्थ और पोषित होता है.

नवजात को गोद में लेकर हीं दूध पिलाएं

महावीर वात्सल्य अस्पताल पटना के निदेशक पारा मेडिकल डॉ डी के रमन ने स्तनपान के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कभी भी नवजात को माँ द्वारा सोते हुए दूध नहीं पिलाना चाहिए | माँ को चाहिए कि वह अपने नवजात को गोद में लेकर हीं दूध पिलाएं | अपर निदेशक  डॉ लखीन्द्र प्रसाद  ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्तनपान को लेकर महिलाओं को जागरूक करने पर बल दिया | कहा कि जन्म के 6 माह तक नवजात को माँ का हीं दूध पिलाना चाहिए | उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को इसको लेकर अधिक जागरूक करने की जरूरत है |

स्तनपान माँ और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता

महावीर वात्सल्य अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ रीता सिन्हा ने कार्यशाला में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा स्तनपान माँ और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है | माँ द्वारा शुरू के 6 माह तक नवजात को अपना दूध पिलाने से बच्चे का मानसिक और शारीरिक विकास होता है | माँ को चाहिए कि जन के तुरंत बाद नवजात को स्तनपान कराएं | 6 माह तक बाहर का दूध एकदम नहीं देना चाहिए |इससे बच्चा अंदर से मजबूत होता है | डायरिया ,निमोनिया सहित कई बीमारियों से बच्चे का बचाव होता है | स्त्री रोग चिकित्सक डॉ राजकुमारी ,डॉ निवेदिता ,महावीर वात्सल्य ब्लड बैंक के डॉ उपेन्द्र ने भी अपना विचार रखे |

नवजात की माताओं को अपने खानपान का खास ख्याल रखना चाहिये

लायंस क्लब अनंत पटना की अध्यक्ष नीता मिश्रा ने इस मौके पर कहा नवजात की माताओं को अपने खानपान का खास ख्याल रखना चाहिये | उन्हें अपने भोजन में दूध और फल को भी शामिल करना चाहिये| लायन्स क्लब की नंदा गर्ग ने मौके पर अपने क्लब की गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त में बताया. प्रारंभ में स्वागत भाषण महावीर वात्सल्य अस्पताल के नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य डेज़ी ने किया |

रिपोर्टर

  • Dr. Rajesh Kumar
    Dr. Rajesh Kumar

    The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News

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