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बूथ लगा कर जीविका दीदियों और स्कूली बच्चों को खिलाई गई अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा
- फाइलेरिया उन्मूलन • जिले में 1500 जगहों पर बूथ पर लगाकर दवा का कराया गया सेवन
- अब घर-घर जाकर मेडिकल टीम द्वारा लोगों को खिलाई जाएगी दवा
बेगूसराय-
जिले में बीते 10 फरवरी से फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सघन एमडीए अभियान चल रहा है। जिसके तहत बीते तीन दिनों (10 से 13 फरवरी) में जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, जीविका संकुल स्तरीय केंद्र समेत अन्य कुल 1500 जगहों पर बूथ लगाया गया। जिसमें करीब 52 हजार जीविका के साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों को फाइलेरिया से बचाव के लिए एल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा का सेवन कराया गया। सभी लोगों ने उत्साह के साथ दवाई का सेवन किया। इसके अलावा हर जगह बूथ पर दवाई सेवन के लिए आए लोगों को फाइलेरिया के कारण, लक्षण एवं इससे बचाव सहित इस अभियान का उद्देश्य और दवाई के सेवन से होने वाले फायदे की भी जानकारी दी गई। साथ ही सभी लोगों से अपने परिवार और समाज को भी दवाई का सेवन करने के लिए जागरूक करने का अपील किया गया।
- अभियान में जुटी पूरी टीम निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुस्तैदी के साथ कर रहें हैं कार्य :
जिला जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डाॅ. सुभाष रंजन झा ने बताया, फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर बीते 10 फरवरी से जिले एमडीए अभियान चल रहा है। हर हाल में निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने और अभियान को सफल बनाने के लिए इस अभियान में जुटे सभी कर्मी और पदाधिकारी मुस्तैदी के साथ जुटे हैं। तमाम कार्यक्रमों का आयोजन के साथ-साथ विभिन्न माध्यमों से सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। ताकि सामुदायिक स्तर पर लोग जागरूक हो सके और अधिकाधिक लोग दवाई का सेवन के लिए आगे आ सके। वहीं, उन्होंने बताया, इस बीमारी से बचाव के लिए दवाई का सेवन ही एकमात्र विकल्प और बेहतर व कारगर उपाय है। इसलिए, सभी लोग दवाई का सेवन करें। दवाई सेवन के दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखें कि भूखे पेट दवा का सेवन नहीं करना है। दवाई सेवन के पश्चात कम से कम 20 मिनट तक मेडिकल टीम की निगरानी में रहें। साइड इफेक्ट से घबराएं नहीं। क्योंकि, साइड इफेक्ट पूरी सामान्य है, इसे एडवर्स (एडीआर) इफेक्ट कहते हैं, जो प्राथमिक उपचार से ही ठीक हो जाता है। अमूमन साइड इफेक्ट उनको ही होता है, जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं। इसलिए, साइड इफेक्ट होना शुभ संकेत है, ना कि परेशानी।
- रैपिड रिस्पांस टीम की तत्परता से दवाई सेवन से कहीं से नहीं आई गंभीर रिपोर्ट :
पीसीआई के जिला समन्वयक मारुति नंदन ने बताया, बूथ पर दवाई सेवन के बाद कहीं-कहीं से दवाई सेवन के बाद सामान्य तरीके का साइड इफेक्ट की बात सामने आई थी, जिसे रैपिड रिस्पांस टीम के सहयोग से ऑन द स्पॉट दूर कर दिया गया और लोग तुरंत स्वस्थ होकर अपना घर चले गए हैं। रेपिड रिस्पांस टीम की तत्परता के कारण हर जगह की स्थिति सामान्य रही। कहीं से गंभीर साइड इफेक्ट के मामले सामने नहीं आए। अब अभियान के लिए गठित स्वास्थ्य टीम द्वारा घर-घर जाकर लोगों को दवाई का सेवन कराया जाएगा।
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रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar