Breaking News |
- World Wide
- International
- National
- State
- Union Territory
- Capital
- Social
- Political
- Legal
- Finance
- Education
- Medical
- Science & Tech.
- Information & Tech.
- Agriculture
- Industry
- Corporate
- Business
- Career
- Govt. Policy & Programme
- Health
- Sports
- Festival & Astrology
- Crime
- Men
- Women
- Outfit
- Jewellery
- Cosmetics
- Make-Up
- Romance
- Arts & Culture
- Glamour
- Film
- Fashion
- Review
- Satire
- Award
- Recipe
- Food Court
- Wild Life
- Advice
कोरोना काल में रखें अपने बच्चों का खास ख्याल
- by
- Jul 14, 2020
- 3706 views
o जिले के पोषण पुर्नवास केंद्र में चल रहा है 14 बच्चों का ईलाज
o कुपोषित बच्चों के लिए संजीवनी है पोषण पुर्नवास केंद्र
o कुपोषित बच्चों के विशेष खानपान व देखभाल की होती हैं सुविधाएं
लखीसराय, 14जुलाई : कोरोना के इस काल में हमें अपने बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हम सब के लिए जरूरी है क्योंकि अगर हम किसी तरह की लापरवाही करते हैं तो बच्चा कुपोषण का शिकार हो सकता है । कुपोषण को खत्म करने के लिए सरकार भी गंभीर है. कुपोषण की इस स्थिति से निबटने के लिए पोषण पुर्नवास केंद्र स्थापित किये गये हैं. पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चे को 14 दिनों के लिए रखा जाता है. डाक्टर की सलाह के मुताबिक उनका खानपान का विशेष ख्याल रखा जाता है. यहां रखा गया कोई बच्चा 14 दिनों में कुपोषण से मुक्त नहीं हो पाता है तो वैसे बच्चों को एक माह तक यहां रख कर विशेष देखभाल की जाती है. भर्ती हुए बच्चे के वजन में न्यूनतम 15 प्रतिशत की वृद्धि के बाद ही यहाँ से डिस्चार्ज किया जाता है. पोषण पुर्नवास केंद्र में मिलने वाली सभी सुविधाएं निशुल्क होती है।
जिला सिविल सर्जन डॉ आत्मनन्द राय ने बताया जिले के पोषण पुर्नवास केंद्र में 14 बच्चों का अभी ईलाज चल रहा है । पोषण पुर्नवास केंद्र में स्वास्थ्यकर्मी मास्क एवं दस्ताने का हमेशा प्रयोग करते हैं । कोरोना के प्रभाव को देखते हुए इस संक्रमण से बचने के लिए महत्वपूर्ण कड़ी सोशल- डिसेंसिंग का भी पालन ईलाज किया जा रहा है ताकि बच्चे पूर्ण रूप से इस संकर्मण से बचे रहे एवं स्वस्थ्य हो कर अपने घर जाएँ ।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 4 की रिपोर्ट के मुताबिक 5 वर्ष से कम आयु के सौ बच्चों में से 50.6 प्रतिशत बच्चों की लंबाई उनकी आयु के हिसाब से कम है यानी वे नाटापन से ग्रसित हैं. वहीं 5 वर्ष से कम आयु के 20 फीसदी बच्चों का वजन उनकी आयु के हिसाब से कम है और वे दुबलापन से ग्रसित हैं. इसी आयु वर्ग के 47.3 फीसदी बच्चे कम वजन वाले हैं और 7.1 प्रतिशत बच्चों का वजन उनकी आयु के हिसाब से बहुत अधिक कम है।
ये हैं पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती के मानक:
बच्चे को एनआरसी में भर्ती करने के लिए कुछ मानक निर्धारित हैं. इनमें बच्चों के विशेष जांच के तहत उनका वजन व बांह आदि का माप किया जाता है. 6 माह से अधिक एवं 59 माह तक के ऐसे बच्चे जिनकी बांई भुजा 11.5 सेमी हो और उम्र के हिसाब से लंबाई व वजन न बढ़ता हो वह कुपोषित है. उसे ही पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती किया जाता है. इसके साथ ही दोनों पैरों में पिटिंग एडीमा हो तो ऐसे बच्चों को भी यहां पर भर्ती किया जाता है.।
जानें पोषण पुनर्वास केंद्र पर मिलने वाली सेवाएं:
• रेफर किये गये बच्चों की पुन:जांच करना
• उनमें कुपोषण या अतिकुपोषण की पहचान करना
• बच्चे के पोषण का पूरा पूरा ख़्याल रखना
• बच्चों के पोषण पर अभिभावकों को उचित सलाह देना
• भर्ती हुए कुपोषित बच्चों की 24 घंटे पूरी देखभाल
• डिस्चार्ज के बाद हर 15 दिन में 2 माह तक फॉलोअप
संबंधित पोस्ट
Mega Job Fair – 2026 13 March 2026 | CPJ Group of Institutions, Narela, Delhi
- Mar 10, 2026
- 119 views

रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Premier World (Admin)