- World Wide
- International
- National
- State
- Union Territory
- Capital
- Social
- Political
- Legal
- Finance
- Education
- Medical
- Science & Tech.
- Information & Tech.
- Agriculture
- Industry
- Corporate
- Business
- Career
- Govt. Policy & Programme
- Health
- Sports
- Festival & Astrology
- Crime
- Men
- Women
- Outfit
- Jewellery
- Cosmetics
- Make-Up
- Romance
- Arts & Culture
- Glamour
- Film
- Fashion
- Review
- Satire
- Award
- Recipe
- Food Court
- Wild Life
- Advice
शेखपूरा को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने के लिए जिला प्रशासन चलाएगा सघन अभियान : डीडीसी
- by
- Mar 27, 2021
- 2786 views
- सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों पर होगी दण्डात्मक करवाई
- विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार द्वारा प्रकाशित गेट्स 2 के सर्वे में बिहार में तम्बाकू सेवन करने वालों में काफी कमी आई
शेखपुरा-
शेखपूरा को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने के लिए जिला प्रशासन सघन अभियान चलाएगा। अब
तम्बाकू उत्पाद के निर्माता और थोक एवं खुदरा विक्रेता अब बिना बोर्ड के तम्बाकू उत्पाद नहीं बेच पाएंगे। उक्त बातें राज्य सरकार कि तकनीकी सहयोगी संस्थान सीड्स और जिला नियंत्रण कोषांग शेखपुरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित त्रि- स्तरीय छापामार दस्ता एवं अन्य हितधारकों के प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए डीडीसी ने कही। उन्होने बताया कि अब शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में कोई भी तम्बाकू उत्पाद नहीं बिकेगा। इसके साथ ही बच्चों और अवयस्कों के तम्बाकू उत्पाद बेचने पर उसके अभिभावकों को एक लाख तक का जुर्माना और 7 साल तक की सजा भी होगी । इस अवसर पर उन्होने जिला के सभी सबंधित अधिकारियों को तम्बाकू नियंत्रण के गुर भी सिखाये।
जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश देते हुए उन्होंने बताया कि तम्बाकू के दुष्परिणामों से बच्चों और अवयस्कों को बचाना बहुत ही आवश्यक है इसलिए स्कूलों में इससे से संबंधित कार्यक्रम का भी संचालन किया जाय और सभी शिक्षण संस्थानों के पास से तम्बाकू उत्पाद कि दुकानों को यथाशीघ्र हटाया जाए। इसके साथ ही आदेश के उलंघनकर्ताओं को सीओटीपीए, जेजे एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में दंडित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने- अपने कार्यक्षेत्रों में कोटपा 2003 के विभिन्न धाराओं का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।
इस अवसर पर सीड्स के कार्यक्रम पदाधिकारी सुनील चौधरी ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से तम्बाकू नियंत्रण कि आवश्यकता पर बल देते हुए कोटपा 2003 के विभिन्न धाराओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होने बताया कि बच्चे व युवा तम्बाकू उद्योग का सबसे सॉफ्ट टारगेट होते हैं जिन्हें लुभाने के लिए तम्बाकू कंपनी तरह- तरह के हथकंडे अख्तियार करती है। उन्होंने तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम में सभी विभागों को अपनी भूमिका निभाने का सुझाव देते हुए तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम कि आवश्यकता पर भी बल दिया
उन्होंने बताया, विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार द्वारा प्रकाशित GATS 2 के सर्वे में बिहार में तम्बाकू सेवन करने वालों में काफी कमी आई है, यह आंकड़ा 53.5% से घटकर अब 25.9% हो गई है।
इस अवसर पर समाहर्ता , एसडीओ, डीएसपी (हेड क्वार्टर), डीपीएम, कार्यक्रम पदाधिकारी मनोज कुमार झा जिला तम्बाकू नियंत्रण कोषांग के नोडल अफसर सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित थे।
संबंधित पोस्ट
CPJ School of Law Organizes National Moot Court Competition, in Collaboration with
- Nov 17, 2025
- 105 views

रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar