- World Wide
- International
- National
- State
- Union Territory
- Capital
- Social
- Political
- Legal
- Finance
- Education
- Medical
- Science & Tech.
- Information & Tech.
- Agriculture
- Industry
- Corporate
- Business
- Career
- Govt. Policy & Programme
- Health
- Sports
- Festival & Astrology
- Crime
- Men
- Women
- Outfit
- Jewellery
- Cosmetics
- Make-Up
- Romance
- Arts & Culture
- Glamour
- Film
- Fashion
- Review
- Satire
- Award
- Recipe
- Food Court
- Wild Life
- Advice
यक्ष्मा के तहत संभावित एक्टिव केस फाइंडिंग कर रहे हैं कर्मी
- by
- Oct 07, 2021
- 1066 views
- 2 सितम्बर से 9 नवम्बर तक चलाया जा रहा है अभियान
- घर-घर जाकर टी.बी. पर्यवेक्षक कर रहे हैं स्क्रीनिंग
जमुई, 7 सितम्बर
“ दो हफ्ते की खांसी टी.बी. के डर को जगाता है” जैसे स्लोगन के माध्यम से यक्ष्मा के संभावित मरीजों की पहचान विगत एक महीने से किया जा रहा है, यह कार्यक्रम आगामी 9 नवम्बर तक होना है | राष्ट्रीय टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम-2025 जो प्रधानमंत्री के महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है | इसके तहत संभावित एक्टिव केस फाइंडिंग वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षकों द्वारा घर-घर जाकर किया जा रहा है |
इसको लेकर राष्ट्रीय टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम समन्वयक विकास कुमार ने बताया केन्द्रीय टी.बी.प्रभाग की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राष्ट्रव्यापी अभियान है | ताकि कोई भी मरीज जाँच और इलाज से वंचित न हो | आगे कहते हैं मंडल करा में 417 कैदियों में से 44 का संभावित के तहत सैंपल लिया गया है वहीं बाल संरक्षण गृह में 12 में से 1 के सैंपल लिया गया है |
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रमेश प्रसाद ने बताया सभी दसों प्रखंड में यक्ष्मा पर्यवेक्षक एक्टिव केस की स्क्रीनिंग के माध्यम से खोज किया जा रहा है | उन्होंने बताया चिन्हित मरीजों का डॉट्स के माध्यम से इलाज किया जायेगा | इसकी मोनिटरिंग नियमित स्तर पर किया जा रहा है |
जाँच के लिए मुख्य लक्षण :
• दो सप्ताह से खांसी आ रहा हो
• बलगम में खून आना
• रात्रि में हमेशा बुखार का होना
• वजन का लगातार कम होना
निम्नलिखित स्थानों पर यक्ष्मा के संभावित एक्टिव केस का स्क्रीनिंग हो रहा है :
• मंडल कारा
• बाल सुधार गृह
• नारी निकेतन
• बृद्धा आश्रम
• शहरी मलिन बस्ती
• महादलित टोला
• ईंट भट्ठा
जिला स्तर पर संगठन कर रहा है जागरूक :
इसके लिए जिला स्तर पर टीबी मुक्त वाहिनी संगठन से जुड़े राजीव रावत ने बताया जिला के सभी 10 प्रखंड में लगातार जागरूकता के लिए स्वैच्छिक तौर पर प्रयास जारी है | प्रत्येक महीने में विभाग द्वारा टीबी पेशेंट सपोर्ट ग्रुप की बैठक भी सभी प्रखंडों में आयोजित की जा रही है, जिससे समुदाय में टीबी पर चर्चा होना शुरू हो गया है | बैठक में जनप्रतिनिधियों, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों, टीबी चैंपियन, ट्रीटमेंट सपोर्टर एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के बीच राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध निःशुल्क जाँच, उपचार एवं निश्चय पोषण योजना में मिल रहे प्रति माह पांच सौ आदि तमाम विषय पर व्यापक जानकारी दी जा रही है |
संबंधित पोस्ट
Mega Job Fair – 2026 13 March 2026 | CPJ Group of Institutions, Narela, Delhi
- Mar 10, 2026
- 121 views

रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar