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अलौली के सूरजनगर में कालाजार उन्मूलन को लेकर फिर चला सघन मरीज खोज अभियान
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- Dec 15, 2021
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- केयर इंडिया के टीम द्वारा घर-घर जाकर चलाया गया खोज अभियान
- कालाजार से बचाव के लिए किया गया जागरूक, दी गई आवश्यक जानकारी
खगड़िया, 15 दिसंबर-
जिले के अलौली प्रखंड अंतर्गत सूरजनगर गाँव में कालाजार उन्मूलन को लेकर लगातार सघन कालाजार मरीज खोज अभियान चल रहा है। बीते सितंबर माह चलाए गए खोज अभियान और सेंड फ्लाई रिसर्च के बाद भी दिसंबर माह में फिर इस गाँव में एक मरीज मिला। जिसके बाद केयर इंडिया की टीम द्वारा गाँव में मरीज खोज अभियान चलाया गया। यह अभियान केयर इंडिया के डीपीओ कृष्ण कुमार भारती के नेतृत्व में केयर इंडिया के ही स्थानीय प्रखंड समन्वयक संजय राम एवं नवीन कुमार के सहयोग से चलाया गया। ताकि लक्षण वाले मरीजों की शुरुआती दौर में ही पहचान सुनिश्चित हो सके और ससमय आवश्यक समुचित जाँच और इलाज उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही अन्य लोगों को भी बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाया जा सके। वहीं, अभियान के दौरान घर-घर जाकर परिवार एक-एक सदस्यों की जाँच कर मरीजों की खोज की गई। जिसके दौरान संदिग्ध व्यक्ति को आवश्यक सलाह दी गई और शेष लोगों को बचाव के लिए जागरूक किया गया। ताकि शुरुआती दौर में मरीजों की पहचान हो सके और संबंधित मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करायी जा सके। साथ ही पूरे गाँव के लोग इस बीमारी से सुरक्षित हों।
- अलौली में कालाजार के 13 हैं एक्टिव केस :
केयर इंडिया के डीपीओ कृष्ण कुमार भारती ने बताया, वर्तमान में अलौली प्रखंड में कालाजार के कुल 13 एक्टिव केस हैं। जिसमें 09 केस सूरजनगर गाँव में ही है। जिसके कारण यहाँ लगातार सघन मरीज खोज अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, उन्होंने बताया, अभियान के दौरान जो भी व्यक्ति लक्षण वाले मिले, उन्हें समुचित जाँच एवं इलाज के लिए आवश्यक सलाह दी गई। साथ ही अन्य लोगों को भी इस बीमारी से दूर रहने के लिए बरती जाने वाली सतर्कता व सावधानी की जानकारी दी गई।
- मरीजों को आर्थिक सहायता का मिलता है लाभ :
कालाजार से पीड़ित रोगी को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में बीमार व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा 6600 रुपए और केंद्र सरकार द्वारा 500 रुपए दिए जाते हैं। यह राशि कालाजार संक्रमित व्यक्ति को संक्रमण के समय में दिया जाता है। वहीं, चमड़ी से जुड़े कालाजार संक्रमित रोगी को केंद्र सरकार की तरफ से 4000 रुपए दिए जाते हैं।
- कालाजार से बचाव के लिए एसपी पाउडर का छिड़काव ही सबसे बेहतर उपाय :
कालाजार से बचाव के लिए एसपी पाउडर का छिड़काव ही सबसे बेहतर उपाय है। साथ ही इससे बचाव के लिए लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। इसके लिए लोगों को साफ-सफाई समेत रहन-सहन में बदलाव करने की आवश्यकता है। दरअसल, कालाजार मादा बालू मक्खी (सैन्ड फ्लाई) के काटने से फैलता है। एसपी पाउडर के छिड़काव से ही बालू मक्खी के प्रभाव को पूर्णत: खत्म किया जा सकता है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एसपी पाउडर का छिड़काव कराया जाता है। जिससे बालू मक्खी को समाप्त किया जा सके।
- लक्षण दिखते ही कराऐ इलाज, सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है समुचित व्यवस्था :
लोगों को कालाजार का लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पतालों में जाँच कराना चाहिए और चिकित्सकों के सलाह के अनुसार समुचित इलाज कराना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में जाँच एवं इलाज की मुफ्त समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। साथ ही इन बीमारियों से बचने के लिए जमीन पर नहीं सोएं। मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने।
- कालाजार के लक्षण :
- लगातार रुक-रुक कर या तेजी के साथ बुखार आना।
- वजन में लगातार कमी होना।
- दुर्बलता।
- मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।
- व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
- प्लीहा में नुकसान होता है।
- छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
- छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
- घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
- छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
- ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
- अपने क्षेत्र में कीटनाशक (एस पी) छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।
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रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar