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नाइट ब्लड सर्वे में जिलेवासियों ने दिखाया उत्साह,तीन दिन में ही 6398 सैंपल का संग्रह
-सभी प्रखंड में दो-दो साइट बनाए गए हैं, एक साइट पर 300 लोगों की जांच का है लक्ष्य
-शाम साढ़े आठ से रात 12 बजे तक 20 साल से अधिक उम्र के लोगों की हो रही जांच
भागलपुर, 24 नवंबर। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन के तहत जिले में नाइट ब्लड सर्वे का काम सोमवार से चल रहा है। जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ ने गोराडीह प्रखंड के कोढ़ा गांव के रेंडम साइट से इसकी शुरुआत की थी। अच्छी बात यह है कि जिलेवासियों ने भी इसमें उत्साह दिखाया है। पहले तीन दिन (सोमवार से बुधवार तक) में ही जिले के 6398 लोग सैंपल देने के लिए सामने आए। साथ हीं नवगछिया और पीरपैंती में तो नाइट ब्लड सर्वे का काम पूरा भी हो गया। डॉ. दीनानाथ कहते हैं कि नाइट ब्लड सर्वे को लेकर जिलेवासियों का उत्साह काफी सकारात्मक है। पहले तीन दिन में ही सैंपल देने के लिए इतनी बड़ी संख्या में लोगों के सामने आने से लग रहा है कि हमलोग जल्द ही लक्ष्य को हासिल कर पूरी रिपोर्ट सौंप देंगे। केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक ने बताया कि सभी प्रखंड में दो-दो साइट बनाए गए हैं। एक सेंटिनल तो दूसरा रेंडम साइट। एक साइट पर नाइट ब्लड सर्वे के तहत 300 लोगों की जांच की जाएगी। नाइट ब्लड सर्वे शाम साढ़े आठ बजे से रात के 12 बजे तक किया जा रहा है। इस दौरान 20 साल से अधिक उम्र के लोगों के सैंपल लेकर जांच की जा रही है। इस काम में स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सहयोग कर रहे हैं।
रात में सैपल लेने से आती है सही रिपोर्टः डॉ. दीनानाथ ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे के तहत फाइलेरिया प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां रात में लोगों के रक्त के नमूने लिये जाते हैं। इसे प्रयोगशाला भेजा जाता और रक्त में फाइलेरिया के परजीवी की मौजूदगी का पता लगाया जाता है। फाइलेरिया के परजीवी रात में ही सक्रिय होते हैं, इसलिए नाइट ब्लड सर्वे से सही रिपोर्ट पता चल पाता है। इससे फाइलेरिया के संभावित मरीज का समुचित इलाज किया जाता है।
जिले के इन प्रखंडों के इस-इस गांवों में चल रहा नाइट ब्लड सर्वे का काम: बिहपुर प्रखंड के मिल्की गांव में सेंटिनेल साइट तो गौरीपुर में रेंडम साइट, गोपालपुर प्रखंड के गोसाईंगांव में सेंटिनेल साइट तो अभिया में रेंडम साइट, गोराडीह प्रखंड के नदियामा गांव में सेंटिनेल साइट तो कोढ़ा में रेंडम साइट, इस्माइलपुर प्रखंड के नेवादास टोला में सेंटिनेल साइट तो छोटी परबत्ता में रेंडम साइट, जगदीशपुर प्रखंड के फुलवरिया गांव में सेंटिनेल साइट तो अंबे में रेंडम साइट, कहलगांव प्रखंड के एकचारी गांव में सेंटिनेल साइट तो जगन्नाथपुर में रेंडम साइट, खरीक प्रखंड के तुलसीपुर में सेंटिनेल साइट तो मीरजाफरी में रेंडम साइट, नारायणपुर प्रखंड के मधुरापुर में सेंटिनेल साइट तो चकरामी में रेंडम साइट, नाथनगर प्रखंड के विशनरामपुर में सेंटिनेल साइट तो करेला में रेंडम साइट, नवगछिया प्रखंड के पकरा में सेंटिनेल साइट तो तेतरी में रेंडम साइट, पीरपैंती प्रखंड के ओलापुर में सेंटिनेल साइट तो अम्मापाली में रेंडम साइट, रंगरा चौक प्रखंड के तीनटंगा दक्षिण में सेंटिनेल साइट तो मदरौनी में रेंडम साइट, सबौर प्रखंड के ममलखा में सेंटिनेल साइट तो बाबूपुर में रेंडम साइट, शाहकुंड प्रखंड के अमखोरिया में सेंटिनेल साइट तो राधानगर में रेंडम साइट, सन्हौला प्रखंड के बेलसर में सेंटिनेल साइट तो पोठिया में रेंडम साइट, सुल्तानगंज के धांधी बेलारी में सेंटिनेल साइट तो अकबरनगर में रेंडम साइट और शहरी क्षेत्र के साहेबगंज में सेंटिनेल साइट तो बरारी में रेंडम साइट बनाए गए हैं।
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रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar