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आयुष्मान कार्ड ने दी कलामुद्दीन को नई जिंदगी
-हार्ट की बीमारी से परेशान कलामुद्दीन ने झारखंड की राजधानी रांची में कराया इलाज
-लगभग डेढ़ लाख रुपये से अधिक का आया खर्च, अब कलामुद्दीन जी रहे स्वस्थ जीवन
बांका, 26 दिसंबर-
जिले के कटोरिया के रहने वाले मोहम्मद कलामुद्दीन हार्ट की बीमारी से परेशान थे। इलाज पर खर्च डेढ़ लाख रुपये से भी अधिक आता। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि इलाज करा सकें । कलामुद्दीन को दो बेटे हैं। दोनों मजदूरी करते तो घर चलता है। ऐसे में डेढ़ लाख रुपये खर्च करना नामुमकिन था। उन्हें समझ नहीं रहा था कि आखिर क्या करें। ऐसे में पड़ोस के लोगों से उन्हें आयुष्मान योजना के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद कलामुद्दीन ने अपना आयुष्मान कार्ड बनवाया और झारखंड के रांची में इलाज कराकर स्वस्थ हुए। उनके इलाज पर डेढ़ लाख रुपये से अधिक का खर्च आया। कलामुद्दीन कहते हैं कि मैं बीमारी से पीड़ित था। मेरे साथ घर के अन्य लोग भी चिंतित थे। समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें। ऐसे में आसपास के लोगों ने आयुष्मान योजना के बारे में बताकर एक तरह से मेरे ऊपर बड़ा उपकार किया। आज मैं स्वस्थ हूं। इसके साथ मैं सरकार को भी धन्यवाद देता हूं। इस योजना से गरीब लोगों का काफी भला हो रहा है।
नामी-गिरामी अस्पतालों में होता है इलाजः आयुष्मान योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक पवन कुमार कहते हैं कि आयुष्मान कार्ड के जरिये जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में तो मरीजों का इलाज होता ही है। साथ ही बांका के एक व भागलपुर के लगभग 20 निजी और मायागंज अस्पताल में भी इस कार्ड से मरीजों का इलाज होता है। इसके अलावा देश के सैकड़ों नामी-गिरामी अस्पतालों में भी आय़ुष्मान कार्डधारकों का इलाज किया जाता है। इसलिए जिनलोगों का अभी कार्ड नहीं बना है, वे अपने नजदीकी सीएचसी में जाकर कार्ड बनवा लें। विपरीत परिस्थिति में यह काम आ सकता है।
पांच लाख रुपये तक का मिलता है मुफ्त इलाजः आयुष्मान योजना के तहत कार्डधारक पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना का लाभ किसी भी उम्र के लोग ले सकते हैं। इस योजना का लाभ अभी जिले के हजारों लोग ले रहे हैं। जिनलोगों के पास पीएम लेटर आया है, उनका बहुत ही आसानी से कार्ड बन जा रहा है। साथ ही जिनलोगों को पीएम लेटर नहीं भी आया है, और वे योजना के योग्य हैं तो उनका भी कार्ड बनने में कोई परेशानी नहीं होगी। इसके लिए आपके पास 2014 के पहले का राशन कार्ड होना जरूरी है। साथ में अपना आधार कार्ड लेकर अपने नजदीकी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) में जाएं। वहां पर अपना राशन कार्ड दिखाएं। अगर आप इस योजना के योग्य होंगे तो तत्काल आपका आयुष्मान कार्ड बन जाएगा। इसके बाद आप गंभीर तौर पर बीमार पड़ने पर पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में करवा सकते हैं। कार्ड बन जाने के बाद बीमार होने पर इस योजना से सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती होने की स्थिति में आयुष्मान कार्ड दिखाएं और मुफ्त में इलाज करवाएं।
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रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Swapnil Mhaske