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हाथीपांव से ग्रसित लोग दिव्यांगजन की श्रेणी में होंगे शामिल, जिंदगी होगी आसान
- हाथीपांव की गंभीरता के आधार पर मिलेगा दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- हाथीपांव के चार ग्रेड के मुताबिक होगा दिव्यांगता का निर्धारण
मुंगेर, 09 जनवरी। जिला के सदर प्रखंड अंतर्गत महादेवपुर गांव नौवागढ़ी के रहने वाले 37 वर्षीय चंदन कुमार और हवेली खड़गपुर के अग्रहण गांव 52 वर्षीय प्रमोद कुमार दास के चेहरे पर आज खुशी और सुकून की लकीरें दिखती हैं। हालांकि वो लंबे समय से हाथीपांव से ग्रसित हैं और उन्हें अफसोस है कि इसके कारण उन्हें अपने जीवन में एक प्रकार की विकलांगता का शिकार होना पड़ा। दिव्यांगजनों की तरह उनका जीवन भी मुश्किल भरा रहा है लेकिन उन्हें अब इस बात की खुशी और संतुष्टि भी है कि उनकी समस्या को सरकार ने समझा और उन्हें तथा उनके जैसे अन्य हाथी पांव ग्रसित लोगों को दिव्यांगता की श्रेणी में खड़ा किया है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार द्वारा ऐसे लोगों को मिलने वाले दिव्यांगता प्रमाण पत्र से सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। चंदन कुमार कहते हैं कि हाथीपांव तो अब नहीं ठीक हो सकता है लेकिन विकलांगता की श्रेणी में आने उन्हें जो कुछ भी सरकारी लाभ मिलेगा, उससे उनका और उनके परिवार का जीवन सरल और आसान हो सकेगा।
हाथी पांव पीड़ित लोगों को मिलेगा दिव्यांगता प्रमाण पत्र :
चंदन कुमार की तरह हाथीपांव से ग्रसित अन्य मरीजों के लिए अच्छी खबर है कि निःशक्ता के राज्य आयुक्त के दिशा-निर्देश पर हाथी पांव से ग्रसित मरीजों को दिव्यांगता की श्रेणी में शामिल किया जायेगा। हाथी पांव के मरीजों को गंभीरता के आधार पर श्रेणी तय कर दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा। इसके लिए ग्रेड तय किए गए हैं। राज्य तथा केंद्र सरकार के द्वारा दिव्यांगजनों को मिलने वाली योजनाओं के लाभ अब हाथीपांव से पीड़ित लोगों तक भी मिल सकेगा। राज्य आयुक्त निःशक्ता अधिनियम को लागू किये जाने के बाद यह प्रभावी होगा। ऐसे लोगों को रेलवे यात्रा, आरक्षण या ऐसी ही अन्य प्रकार के लाभ मिल सकेगा।
क्या कहते हैं जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी :
जिला के वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पत्र जारी कर जिला भर के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को इस बात से अवगत कराया गया है कि दिव्यांगजनों की श्रेणी में हाथीपांव ग्रसित लोगों को भी शामिल किया गया है, जो फाइलेरिया मरीजों के लिए एक अच्छी पहल है। इससे राज्य निःशक्ता अधिनियिम द्वारा अब दिव्यांगजन हेतु प्रदत सुविधाओं का लाभ हाथीपांव के मरीज भी ले सकेंगे। हाथीपांव की गंभीरता को जानने समझने के लिए चार प्रकार के ग्रेड तय किये गये हैं।
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रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar