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नशे को न कह परिवार को रखें खुशहाल
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- May 30, 2020
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तंबाकू के सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा
तंबाकू में रहने वाले नि कोटिन से भूख-प्यास कम लगती है
भागलपुर, 30 मई
आज अंतरराष्ट्रीय धूम्रपान दिवस मनाया जा रहा है। धूम्रपान से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 31 मई को यह दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने तंबाकू व धूम्रपान के अन्य उत्पादों से होने वाली बीमारियों और मौतों की रोकथाम को ध्यान में रखकर इस वर्ष की थीम ‘युवाओं को उद्योग के हेरफेर से बचाना और उन्हें तंबाकू और निकोटीन के उपयोग से रोकना’ है।
तंबाकू बीमारियों की जड़ है। देश में तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों के कारण कैंसर व अन्य बीमारियों से हर रोज हजारों लोग दम तोड़ देते हैं। तंबाकू के सेवन से लोग अपना तो नुकसान करते ही हैं, परिवार के सदस्यों की खुशहाली को भी खत्म कर देते हैं। इसलिए अगर परिवार को खुशहाल रखना है तो आज ही नशा छोड़ें। निजी चिकित्सक डॉ. विनय कुमार झा कहते हैं कि तंबाकू से कैंसर तो होता ही है। साथ ही हृदय रोग का खतरा भी अधिक हो जाता है। धुआं रहित तंबाकू भी समान रूप से हानिकारक है। साथ ही धुआं रहित तम्बाकू का उपयोग करने से दिल का दौरा पड़ने की आशंका अधिक रहती है।
निकोटिन स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक: डॉ. झा कहते हैं तम्बाकू में जिस रसायन की मात्रा सबसे अधिक पायी जाती है वह है निकोटिन। निकोटिन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है। यह इन्सान को नशे का आदी तो बनाता ही है, इसके प्रभाव से शरीर में कैंसर जैसी भयंकर बीमारी प्रवेश करती है। निकोटिन के प्रभाव के चलते व्यक्ति को भूख, प्यास कम लगने लगती है। दिमाग काम करना बंद कर देता है। इसके चलते धीरे-धीरे व्यक्ति पूर्ण रूप से बिना नशे के जीवित नहीं रह पाता है और वही नशा एक दिन व्यक्ति के जीवन के अंत का कारण भी बन जाता है।
घर के बच्चे भी होने लगते हैं शिकार: नशे के सेवन से व्यक्ति खुद को तो बर्बाद करता ही है, साथ रहने वाले परिवार और आसपास के लोग भी बहुत अधिक प्रभावित होते हैं। अक्सर देखा जाता है कि जिन घरों में कोई भी व्यक्ति चोरी-छिपे या खुले रूप से किसी भी प्रकार से नशे का सेवन करता है तो उस घर के बच्चों में भी देखकर सीखने की ललक पनपती है। इस तरह से बच्चे गलत रास्ते पर जाने लगते हैं।
तंबाकू खाकर थूकने पर जुर्माना: प्रदेश में पान-मसाला या गुटखा-तंबाकू खाकर इधर-उधर थूकने वालों पर जुर्माने का प्रावधान है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की अपील के बाद बिहार सरकार ने धुआं रहित तंबाकू पदार्थ जैसे पान मसाला, तंबाकू खाकर इधर-उधर थूकने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। केंद्र की हिदायत के बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर रखा है। राज्य में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादन अधिनियम के तहत सभी सार्वजनिक स्थलों पर थूकने पर पकड़े जाने पर 200 रुपये का जुर्माना का प्रावधान है।
धूम्रपान छोड़ने के हैं ये फायदे
1. धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों को सांस लेने में दिक्कत होती है। इसलिए छोड़ने पर सांस लेने में आसानी होती है।
2. हमेशा गर्म धुआं को पीने के कारण स्मोकर्स के सूंघने और स्वाद की ताकत में कमी आ जाती है पर धूम्रपान छोड़ने से वे खाने के असली स्वाद को दोबारा जान सकते हैं।
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रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
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