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जिले के सभी 2350 आंगनबाड़ी केंद्र की सेविकाओं ने घर-घर जा कर कराया अन्नप्राशन
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- Sep 20, 2020
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6 माह पूरा कर चुके बच्चों को खीर और खिचड़ी खिलाकर कराया गया अन्नप्राशन
अर्धठोस आहार के बारे में दी गयी जानकारी
बांका-
जिले के सभी 2350 आंगनबाड़ी केन्द्रों की सेविका ने शनिवार को घर-घर जाकर 6 महीने पूरे कर चुके बच्चों का अन्नप्राशन करवाया. इस दौरान बच्चों को पूरक आहार के तौर पर खिचड़ी या खीर खिलाई गई. आंगनबाड़ी सेविकाओं ने, 6 माह से ऊपर के बच्चों को किस तरीके से पूरक आहार का सेवन करवाना है, इसकी भी जानकारी परिजनों को दी. आईसीडीएस की डीपीओ रिफत अंसारी ने बताया कि अभी कोरोना की वजह से सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं. इस वजह से सेविका घर-घर जाकर बच्चों को अन्नप्राशन करवा रही हैं. हर महीने की 19 तारीख को यह आयोजन करवाया जाता है. बच्चों में कुपोषण खत्म करने के लिए आईसीडीएस लगातार अपना कार्यक्रम चला रहा है. साथ ही बताया अन्नप्राशन कराने के लिए सेविका अपने से तैयार कर खिचड़ी और खीर ले जा रही हैं. सेविका गांव के चिन्हित घरों में जहां छह माह के बच्चे हैं, वहां अन्नप्राशन करवा रही हैं.
6 माह के बाद सिर्फ स्तनपान पर्याप्त नहीं: डीपीओ रिफत अंसारी ने बताया कि 6 माह पूर्ण होने के बाद शिशु को अधिक उर्जा की जरूरत होती है. इस दौरान उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास तेजी से होता है. इसके लिए सिर्फ स्तनपान पर्याप्त नहीं होता है. इसलिए 6 माह के बाद स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार की भी जरूरत होती है.
अर्धठोस आहार के बारे में दी गयी जानकारी: जिला आईसीडीएस कार्यालय के कोऑर्डिनेटर शम्स तबरेज ने बताया अन्नप्राशन के दिन बच्चों को गाढ़ी दाल, अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां, स्थानीय मौसमी फल और दूध व दूध से बने उत्पाद खिलाया जाता है. तरल व पानी वाला भोजन जैसे दाल का पानी या माढ़ आदि न देकर उतना ही अर्धठोस आहार दिया जाता है, जितना बच्चे खा सकें. धीरे-धीरे भोजन की मात्रा, भोजन का गाढ़ापन बढ़ाये जाने की सलाह दी जाती है.
स्वच्छता के प्रति किया जागरूक: अन्नप्राशन कराने घर-घर गई आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका ने लोगों को स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया. बच्चे के परिजनों को हाथ धोने के तरीके बताए. साथ ही इस कोरोना काल में मास्क और ग्लव्स पहनने को लेकर भी जागरूक किया. लोगों को घर से कम निकलने की सलाह दी. साथ ही शारीरिक दूरी बनाए रखने की भी अपील की
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रिपोर्टर
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