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एनीमिया के खिलाफ किशोरियों की ढाल बनी सविता
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- Mar 18, 2021
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मासिक धर्म जागरूकता के साथ दे रही पोषण का संदेश
भभूआ / 18 मार्च
लगन सच्ची और सोच सकारात्मक हो तो कोई भी समस्या आड़े नहीं आती है। कुछ समय पहले तक किशोरियों में रक्ताल्पता की समस्या से जूझ रहा दतियांव-1 पोषक क्षेत्र आज नई इबारत लिख रहा है। आज यहाँ की किशोरियाँ एनीमिया से सम्पूर्ण रूप से मुक्त होने की कगार पर हैं जिसका पूरा श्रेय यहाँ की आंगनवाड़ी केंद्र संख्या- 54की सेविका सविता देवी को जाता है। साप्ताहिक आयरन फॉलिक एसिड अनुपूरण कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर सफल बना कर सविता ने ना सिर्फ अपने पोषक क्षेत्र को किशोरी एनीमिया से मुक्ति दिलाई है, बल्कि माहवारी स्वच्छता पर भी उन्हें जागरूक किया है।
कोरोनासंकट भी नहीं रोक पायी नीली गोलियों की आपूर्ति :
सविता के पोषक क्षेत्र की ग्यारहवीं की छात्रा 17 वर्षीय नेहा प्रिया के अनुसार, 8-9 महीने पहले उम्र के तुलना में उनका वजन काफी कम था। उनका माहवारी चक्र भी अनियमित था और वो काफी सुस्त और कमजोर थीं। लेकिन आंगनवाड़ी केंद्र द्वारा हर बुधवार को आयरन की नीली गोलियों और पोषण संबंधी जानकारी से उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार आया है। लॉक डाउन के दौरान भी सविता दीदी ने बिना नागा हर वुधवार को घर- घर जाकर आयरन की गोली पहुँचती रही हैं। कोरोना के आशंका से जब सभी अपने अपने घरों में बंद होते थे उस वक्त भी वह मुझे और मेरे हमउम्र अन्य किशोरियों तथा महिलाओं को पोषण की जरूरत के बारे जानकारी देती रही हैं। इसके अलावा भी समय समय पर होने वाले किशोरी बैठक के जरिये मासिक धर्म चक्र और इस दौरान स्वच्छता रखने की आवश्यकता की जानकारी दी जाती है।
केंद्र में जगह कम तो घर में बनाया पोषण वाटिका :
2002 से बतौर सेविका कार्यरत सविता बताती हैं की उनके क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे के पोषण की ज़िम्मेदारी सबसे पहले उनकी है। वो हमेशा प्रयासरत रहती हैं की उनके पोषण में कोई कमी ना रहे। जब उन्हें लगा की आंगनवाड़ी केंद्र में जगह कम होने से पोषण वाटिका लगवाने के लिए यह पर्याप्त नहीं है तो उन्होने अपने घर के बगीचे को पोषण वाटिका में तब्दील कर दिया। जिससे उनके केंद्र के बच्चों के पोषाहार के लिए जरूरी साग- सब्जियों की आपूर्ति में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं आए। आज भले ही उनके केंद्र में 40 बच्चों के लिए पोषाहार उपलव्ध है किन्तु वो 79 बच्चों को केंद्र द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं से लाभान्वित करवा रही हैं।
आनंदी प्रोजेक्ट के साथ अन्य आंगनवाड़ी गतिविधियों का भी सफल संचालन :
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस )सविता कुमारी ने बताया की जिले की किशोरियों को एनीमिया मुक्त करने और सेहत में सुधार के लिए सरकार द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलने वाले आनंदी प्रोजेक्ट के सफल संचालन में सेविका सविता की काफी महत्वपूर्ण भूमिका है।वह एक कुशल कार्यकर्ता है। कोरोनाकाल में भी उन्होने आंगनवाड़ी केंद्र द्वारा परिचालित अन्य कार्यक्रमों जैसे गोद भराई , अन्नप्रासन, हैंड वासिंग , टेक होम रासन वितरण जैसे सभी योजनाओं को घर घर जाकर करवाना सुनिश्चित किया है। केंद्र के बच्चों के लिए भी उनका रवैया काफी संवेदनशील रहता है।
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रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar