- World Wide
- International
- National
- State
- Union Territory
- Capital
- Social
- Political
- Legal
- Finance
- Education
- Medical
- Science & Tech.
- Information & Tech.
- Agriculture
- Industry
- Corporate
- Business
- Career
- Govt. Policy & Programme
- Health
- Sports
- Festival & Astrology
- Crime
- Men
- Women
- Outfit
- Jewellery
- Cosmetics
- Make-Up
- Romance
- Arts & Culture
- Glamour
- Film
- Fashion
- Review
- Satire
- Award
- Recipe
- Food Court
- Wild Life
- Advice
भागलपुर सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को किया जाएगा और बेहतर
- by
- Jun 08, 2021
- 1415 views
डॉक्टरों की ड्यूटी में किया जाएगा बड़ा बदलाव
मरीजों की बेहतर तरीके से होगी जांच और इलाज
भागलपुर, 8 जून-
सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए जल्द ही ड्यूटी को लेकर बड़ा बदलाव किया जायेगा। इससे न केवल डॉक्टर मरीज का समय पर इलाज कर सकेंगे, बल्कि मरीजों को भी बिना परेशान हुए इलाज और जांच की सेवा मिल सकेगी।
सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा ने बताया कि अब इमरजेंसी, गायनी व ओपीडी सेवाओं में अलग-अलग डॉक्टरों की ड्यूटी लगेगी। जिस दिन जिस डॉक्टर की ड्यूटी ओपीडी में होगी, उसकी न तो गायनी वार्ड और न ही इमरजेंसी में ड्यूटी लगेगी। साथ ही जिस महिला डॉक्टर की गायनी वार्ड में ड्यूटी लगेगी, उसे हर हाल में निश्चित अवधि तक वार्ड में ड्यूटी करनी होगी। यही नियम ओपीडी या फिर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर पर भी लागू होगा।
ओपीडी में बढ़ेंगे विभाग, डॉक्टरों के अलग-अलग होंगे चैंबर: सिविल सर्जन के मुताबिक, सदर अस्पताल में अब न केवल अलग-अलग विभागों के डॉक्टरों के अलग-अलग चैंबर होंगे, बल्कि ओपीडी में विभागों की संख्या भी बढ़ेगी। अभी सदर अस्पताल में टीबी, फिजिशियन, शिशु रोग, गायनी, दंत, नेत्र, ह्रदय एंड शुगर के ओपीडी चैंबर बने हुए हैं। इनमें से शिशु रोग, दंत, नेत्र व स्त्री रोग के ओपीडी का संचालन होता है। ऐसे में अब सदर अस्पताल के ओपीडी बिल्डिंग में टीबी, फिजिशियन, शिशु रोग, गायनी, दंत, नेत्र, ह्रदय एंड शुगर के अलग-अलग ओपीडी कक्ष बनेंगे। डॉक्टर भी अलग-अलग चैंबर में बैठेंगे। इसके अलावा ईएनटी, त्वचा एवं रति रोग, हड्डी व सर्जरी के नए ओपीडी कक्ष बनाएं जाएंगे।
आईसीयू में गंभीर मरीजों का होगा इलाज: सदर अस्पताल में छह बेड की आईसीयू है। इसे लेकर डॉक्टरों एवं नर्सों को मायागंज अस्पताल में ट्रेनिंग देकर यहां पर अब गंभीर मरीजों के लिए शुरू किया जायेगा। साथ ही निजी अस्पताल को दिये गये दोनों वेंटिलेटर को इसी आईसीयू में इंस्टॉल कर मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किया जायेगा। अल्ट्रासाउंड सेवा भी नियमित रूप से चलायी जाएगी। इसे लेकर दो महिला चिकित्सकों को ट्रेनिंग दिलाकर उनकी तैनाती अल्ट्रासाउंड जांच सेंटर में की जायेगी।
डॉक्टरों की कमी दूर होगी: सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा ने बताया कि सदर अस्पताल में अभी नौ डॉक्टर हैं। इन डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए नये डॉक्टरों की तैनाती की जायेगी। ये सब पूरी प्रक्रिया एक से डेढ़ माह के अंदर पूरी कर ली जायेगी। इसे लेकर कवायद चल रही है। इंटरव्यू हुआ है। जल्द ही चयनित डॉक्टर अपना योगदान करेंगे।
संबंधित पोस्ट
CPJ School of Law Organizes National Moot Court Competition, in Collaboration with
- Nov 17, 2025
- 95 views

रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar