- World Wide
- International
- National
- State
- Union Territory
- Capital
- Social
- Political
- Legal
- Finance
- Education
- Medical
- Science & Tech.
- Information & Tech.
- Agriculture
- Industry
- Corporate
- Business
- Career
- Govt. Policy & Programme
- Health
- Sports
- Festival & Astrology
- Crime
- Men
- Women
- Outfit
- Jewellery
- Cosmetics
- Make-Up
- Romance
- Arts & Culture
- Glamour
- Film
- Fashion
- Review
- Satire
- Award
- Recipe
- Food Court
- Wild Life
- Advice
मैथिली के लिए विज्ञान प्रसार ने किया सीएम साइंस कॉलेज से करार
मैथिली में जन-जन तक पहुचाएंगे विज्ञान की बात : डॉ नकुल पराशर
नई दिल्ली-
आम लोगों तक उनकी भाषा में विज्ञान की बातें पहुंचाने के लिए संकल्पित विज्ञान प्रसार ने मैथिली भाषी में तेज गति से व्यापक काम करने के लिए दरभंगा के प्रसिद्ध सीएम साइंस कॉलेज के साथ समझौता किया है। विज्ञान प्रसार के स्कोप के तहत राजधानी के टेक्नोलॉजी भवन में मैथिली कोर कमिटी की बैठक हुई। इस बैठक के बाद विज्ञान प्रसार के निदेशक डॉ नकुल पराशर और सीएम साइंस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ दिलीप चौधरी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया। इस समझौता के बाद मैथिली में निरंतर प्रकाशित हो रही पत्रिका विज्ञान रत्नाकर के साथ ही पुस्तक प्रकाशन, ऑडियो-वीडियो निर्माण, मिथिला के हर स्कूल तक मैथिली में विज्ञान के प्रचार प्रसार को तेज किया जाएगा।
समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद विज्ञान प्रसार के निदेशक डॉ नकुल पराशर ने कहा कि स्कोप के तहत हम तमाम भारतीय भाषाओं में काम कर रहे हैं। ंबीते डेढ साल से मैथिली में कुछ काम हो रहे हैं। आज कोर कमिटी की सहमति से सीएम साइंस कॉलेज के साथ समझौता किया गया है। हमने अगले एक वित्तीय वर्ष के लिए रोडमैप तैयार किया है। हमारी पूरी कोशिश है कि हर मैथिली भाषी तक विज्ञान की बात उनके ही शब्दों में पहुंचाएंगे। इसके लिए हमारे पास समर्पित टीम है।
सीएम साइंस कॉलेज दरभंगा के प्रिंसिपल डॉ दिलीप चौधरी ने कहा कि हमारे लिए यह गौरव की बात है कि केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की स्वायत्त संस्था विज्ञान प्रसार ने हमें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिया है। यह हमारे कॉलेज के साथ ही मिथिला के लिए गौरव की बात है। हम विज्ञान प्रसार के साथ मिलकर विज्ञान के क्षेत्र में बेहतर काम करेंगे।
इससे पूर्व देश के जाने माने वैज्ञानिक डॉ प्रभात रंजन की अध्यक्षता में मैथिली कोर कमिटी की बैठक हुए। अपने कई अनुभव को साझा करते हुए डॉ प्रभात रंजन ने मैथिली में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए आगे के लिए निर्देशित किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विज्ञान प्रसार गांव-गांव तक विज्ञान की पहुंच बनाने में बेहतर कार्य कर रहा है, इसलिए मैथिली कोर कमिटी के सदस्यों को पूरी तन्मयता के साथ काम करना होगा। वहीं, विज्ञान प्रसार के वैज्ञानिक डॉ कपिल त्रिपाठी ने इसके प्रचार प्रसार में विपनेट की भूमिका को रेखांकित किया।
कोर कमिटी की बैठक में दिल्ली विश्वद्यिलय के प्रो इन्द्रकांत सिंह, प्रो रूबी मिश्रा, रांची विश्वविद्यालय के डॉ आनंद कुमार ठाकुर, विज्ञान प्रसार के मानवर्धन कंठ, आलोक कुमार, डॉ प्रकाश झा, सुभाष चंद्र, संजीव सिन्हा, रौशन झा, सीएम सांइस कॉलेज के डॉ सुजीत कुमार चौधरी, डॉ सत्येंद्र कुमार झा उपस्थित रहे। सभी ने विज्ञान प्रसार में आगामी एक साल को लेकर मैथिली में क्या सब काम किया जा सकता है, इसको लेकर विचार-विमर्श किया।
संबंधित पोस्ट
CPJ School of Law Organizes National Moot Court Competition, in Collaboration with
- Nov 17, 2025
- 108 views

रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar